वित्त

गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग

हमारे बारे में

विभाग में वित्तीय प्रबन्धन व अनुशासन पर प्रभावी नियंत्रण बनाये रखने के साथ-साथ अनुदानों का दुरूपयोग रोकने के उद्देश्य से वित्त नियंत्रक की अध्यक्षता में वित्त एवं लेखा संवर्ग निरन्तर प्रयासरत् है। विभाग में वित्त नियंत्रक का 01 पद, वित्त एवं लेखाधिकारी का 01 पद एवं सहायक लेखाधिकारी के 03 पद सृजित है, जिनके द्वारा विभाग में वित्तीय कार्यकलापों को और भी प्रभावशाली व गुणात्मक बनाया जा रहा है।

विभाग के वित्त संवर्ग द्वारा किये जा रहे मुख्य कार्यों का विवरण निम्नवत् है

  • समग्र आर्थिक प्रबन्धन एवं राज्य की नीतियों के अनुरूप विभागीय आय-व्ययक तैनात करना, आवंटनीय प्राथमिकताओं के सापेक्ष अनुदानों का पुनर्विनियोग करवाना, सुसाध्य बजट के प्रावधानों का उचित अनुश्रवण, सुसंगत नियमों/शासन के निर्देशों के अनुरूप व्यय कर बजट का अभ्यर्पण करना।
  • शासन से अनुदान संख्या-23 (गन्ना), 24 (चीनी), 83 (समाज कल्याण विभाग-अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना) एवं अनुदान संख्या-11 (राष्ट्रीय कृषि विकास योजना) में स्वीकृत बजट को कोषागार में एफ०एम०आई०एस० प्रणाली के माध्यम से प्रदेशभर के गन्ने से संबंधित कुल 43 एवं चीनी से संबंधित कुल 14 आहरण वितरण अधिकारियों को उनकी मॉग एवं व्यय के प्रवाह की निगरानी करते हुए पर्याप्त बजटीय नियंत्रण रखना।
  • उ०प्र० सामान्य भविष्य निर्वाह निधि नियमावली, 1985 एवं सुसंगत नियमों/शासनादेशों के अनुरूप प्रदेशभर के अधिकारियों/कर्मचारियों के जी०पी०एफ० अग्रिम आहरण की स्वीकृति प्रदान करना। साथ ही कार्मिकों के सेवानिवृत्ति पश्चात् जी०पी०एफ० 90 प्रतिशत का भुगतान कर 10 प्रतिशत प्राधिकार पत्र हेतु प्रकरण कार्यालय महालेखाकार, इलाहाबाद को समयान्तर्गत अग्रेषित करना।
  • उ०प्र० चिकित्सा परिचर्या नियमावली के अनुरूप कार्मिकों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के भुगतान संबंधी प्रभावी कार्यवाही करना।
  • प्रदेशभर के अधिकारियों/कर्मचारियों को भवन निर्माण/विस्तार, भवन मरम्मत अग्रिम, वाहन अग्रिम आदि स्वीकृत करना।
  • शासनादेश संख्या-452/दस-2001 दिनांक 29-01-2001 के अनुक्रम में आन्तरिक लेखा परीक्षा कार्यक्रम के अन्तर्गत परिक्षेत्रीय कार्यालयों की आन्तरिक सम्परीक्षा करवाना। साथ ही महालेखाकार कार्यालय द्वारा विभाग के विभिन्न कार्यालयों के अभिलेखों के किये गये वाह्य सम्प्रेक्षण में उठाई गयी आपत्तियों का निस्तारण तत्परता पूर्वक कराया जाना तथा भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक के प्रतिवेदनों की व्याख्यात्मक टिप्पणियॉ भी शासन को तत्परतापूर्वक प्रेषित करना।
  • विभाग से संबंधित विभिन्नयोजनाओं यथा अन्तरग्रार्मीण सड़क निर्माण योजना, शक्कर विशेष निधि योजना, ऑडिट योजना आदि एवं विभाग के विभिन्न उपक्रमों/संस्थाओं यथा श्री लाल बहादुर गन्ना किसान संस्थान, उ०प्र० गन्ना शोध परिषद, शाहजहॉपुर, उ०प्र० सहकारी गन्ना समिति संघ, आदि के महत्वपूर्ण प्रकरणों में वित्तीय परामर्श प्रदान करना।
  • उपर्युक्त के अतिरिक्त मुख्यालय से सेवानिवृत्त अधिकारियों/कर्मचारियों का पेंशन/ग्रेच्युटी, मृत कार्मिकों के लिंक बीमा, सामूहिक बीमा, विभागीय आकड़ों का महालेखाकार, उ०प्र० इलाहाबाद के पुस्तांकित आंकड़ों से त्रैमासिक रूप से मिलान कार्य, निजी भवनों में स्थापित परिक्षेत्रीय कार्यालायों का नियमानुसार किराया स्वीकृत करना, मुख्यालय स्तर के कार्मिकों का जी०पी०एफ० पासबुक/लेजर का रखरखाव, समस्त अनुभागों की पत्रावलियों के वित्तीय अंशों का परीक्षण व परामर्श तथा समय-समय पर शासन/उच्च स्तर से दिये गये दिशा-निर्देशों का भली-भॉति पालन करना आदि।