प्रदेश में गन्ना बुवाई शरद काल एवं बसन्तकाल में की जाती है। अधिकांश बुवाई बसन्त काल में होती है जिसके बीज की व्यवस्था गन्ना विकास परिषदों, गन्ना विकास समितियों एवं चीनी मिलों के माध्यम से करायी जाती है। गन्ना कृषकों को उन्नतिशील, रोगरहित एवं शीघ्र पकने वाली प्रजातियों का प्रमाणित बीज जिला गन्ना अधिकारी, ज्ये0गन्ना विकास निरीक्षक एवं चीनी मिल के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। गन्ना समितियों में बीज क्रम समितियों में बीज क्रय करने के लिए ऋण की व्यवस्था की जाती है। गन्ना शोध परिषद से प्राप्त केन्द्रक बीज से आधार पौधशालाएं स्थापित की जाती है। आधार पौधशाला से प्राथमिक पौधशाला एवं प्राथमिक पौधशाला से सामान्य खेती के लिए गन्ना कृषकों को बीज उपलब्ध कराया जाता है। गन्ना बीज के लिए पौधशालाएं गन्ना कृषकों के यहॉं तैयार की जाती है।