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उ०प्र० सहकारी गन्ना समिति संघ लि० |
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परिचय
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उ०प्र० सहकारी गन्ना समिति संघ लि०, लखनऊ प्रदेश की 166 सहकारी गन्ना विकास समितियों की शीर्ष संस्था है। इसकी स्थापना एवं पंजीकरण 11, अगस्त सन् 1949 में मुख्यतया सदस्य गन्ना समितियों, गन्ना किसानों के हितों की सुरक्षा, चीनी मिलों तथा सदस्य, सहकारी गन्ना समितियों के मध्य सौहार्दपूर्ण सम्बन्ध बनाये रखने, गन्ना विकास कार्यक्रमों को सफल बनाने में रचनात्मक योगदान देने, गन्ना विकास समितियों के नीति विषयक मामलों में उचित परामर्श दिये जाने व उनके संगठनात्मक विषयों में आवश्यक सहायता व मार्गदर्शन प्रदान करने आदि के उददेश्यों से की गयी।
अपने उददेश्यों की पूर्ति में गन्ना संघ को आशातीत सफलता प्राप्त हुई है। प्रदेश के 45 जिलों में फैले लगभग 43500 ग्रामों में 30 लाख से अधिक गन्ना किसान इन गन्ना समितियों के सदस्य हैं। सहकारी गन्ना विकास समितियों अपने उत्पादकों को गन्ना की आपूर्ति चीनी मिलों को कराने एवं उनका उचित मूल्य उत्पादकों को दिलाने, गन्ना कृषकों को कृषि यंत्र, सिंचाई एवं अन्य सुविधाओं को उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
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प्रमुख कार्य
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1 |
प्रदेश के गन्ना उत्पादकों तथा सदस्य सहकारी गन्ना विकास समितियों के हितों की रक्षा करते हुए उनकी उचित मांगों के प्रति सचेष्ट है।
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2 |
प्रदेश की चीनी मिलों एवं सदस्य सहकारी विकास समितियों के मध्य सौहार्दपूर्ण सम्बन्ध स्थापित करते हुए गन्ने के विकास तथा सुचारू स्प बिक्री व्यवस्था में सहयोग इस संस्था का है।
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3 |
सदस्य सहकारी गन्ना विकास समितियों का पथ प्रदर्शन करते हुए उनके संगठित रूप से कार्य संचालन हेतु नीति निर्धारित करने के साथ ही उनका प्रतिनिधित्व भी करता है।
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4 |
गन्ने की अधिक पैदावार हेतु सदस्य गन्ना समितियों के माध्यम से प्रदेश के गन्ना किसानों को उर्वरक, कृषि यंत्र, सिंचाई के साधन तथा कृषि सम्बन्धी अन्य आवश्यक उपकरणों की आपूर्ति करने के साथ-साथ इस कार्य हेतु ऋण के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान करता है।
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5 |
सदस्य गन्ना समितियों के सदस्यों में मितव्यता, आत्मबल, परस्पर भाईचारे की भावना आत्मा विश्वास, प्रेम व्यवहार कुशलता, नैतिकता एवं सहकारिता के अन्य उददेश्यों को अग्रसर करने हेतु प्रसार, प्रचार एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था करता है।
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6 |
प्रदेश के गन्ना किसानों के रहन'सहन के स्तर को ऊँचा उठाता है। आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराता है एवं उनकी आर्थिक स्थिति में उत्थान लाता है।
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7 |
प्रदेश के गन्ना किसानों द्वारा चीनी मिलों को अपूर्ति किये गये गन्ने के निर्धारित मूल्य का भुगतान समयान्तर्गत सुनिश्चित करता है।
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8 |
सदस्य गन्ना समितियों एवं सरकार द्वारा नियंत्रित चीनी मिलों की मुद्रण आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु गन्ना संघ में एक मुद्रणालय स्थापित है।
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